shiv chalisa lyrics in gujarati pdf - An Overview

नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ ज�

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